Type Here to Get Search Results !

NATIONAL ELIGIBILITY CUM ENTRANCE TEST | NEET | India

 नीट एग्जाम क्या है

नीट एग्जाम भारत की एक ऐसी एग्जाम है। जिसमें डॉक्टर बनने के लिए यह एग्जाम आयोजित की जाती है ,और इस एग्जाम में सफल छात्रों को एक सरकारी और प्रसिद्ध कॉलेजों में डॉक्टरों की पढ़ाई कराई जाती है


Age limit :- नीट एग्जाम के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष रखी गई है। जबकि अधिकतम सीमा इस एग्जाम की नहीं है आप इस एग्जाम को 17 वर्ष की आयु के बाद कितनी भी बाहर दे सकते हैं

योग्यता :- नीट एग्जाम देने के लिए छात्र 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय से की हो साथ में जनरल केटेगरी के छात्र को 12वीं में 50% के साथ उतीर्ण होना जरूरी है। साथ ही ओबीसी, एससी, एसटी के छात्र का 12वीं में 40% अंक अर्जित किए हो

नीट एग्जाम की जरूरत क्यों पड़ी >>>

देश में पहले मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए अनेक परीक्षाएं होती थी जो केंद्र और राज्य दोनों अलग-अलग परीक्षाएं लेते थे जैस :-AIPMT ,CBSE जैसी एग्जाम  को छात्रों को देना होता था इसके बाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन होता था ।इसमें छात्रों का समय और फॉर्म भरने की फीस दोनों ही व्यर्थ थी जिसको देखते हुए सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की और इस के तहत नीट एग्जाम आयोजित की जाती है। इस एग्जाम को क्लियर करने वाले छात्रों को देश के प्रसिद्ध मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिल सकता है

 नीट एग्जाम को लेकर अन्य महत्वपूर्ण जानकारी NEET की फुल फॉर्म :-NATIONAL ELIGIBILITY CUM ENTRANCE TEST

नीट एग्जाम दो भागों में विभाजित है:- UG लेवल पर MBBS ,BDS मैं एडमिशन के लिए एग्जाम होती है

PG:- M.S. और M.D. मैं एडमिशन के लिए एग्जाम होती है

हर साल नीट एग्जाम कराई जाती है। यह एग्जाम 179 मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है हर साल लगभग 5 लाख से 6 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में भाग लेते हैं और कुछ ही चुनिंदा विद्यार्थी इस परीक्षा को पास करते हैं। इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी है जो पेपर को बहुत ही कठिन बना देती है जिस कारण इस परीक्षा को कुछ ही छात्र पास कर पाते हैं ।


यह भी पढे़ ››



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.