अरविंद केजरीवाल इस नाम से हर कोई परिचय है अरविंद केजरीवाल का जीवन बहुत ही कठिन संघर्षों से गुजरा है ।देखते हैं, अरविंद केजरीवाल के जीवन के कठिन से कठिन संघर्षों के बारे में और उनके जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है यदि हम जीवन में ठान ले तो हम अपने जीवन को भी पलट कर एक नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकते हैं ।
..............................................................................................................................................................अरविंद केजरीवाल का जन्म हरियाणा राज्य में हुआ था सन् 16 अगस्त 1968 को अरविंद केजरीवाल का जन्म हुआ इस दिन जन्माष्टमी यानी भगवान श्री कृष्ण का जन्म "दिवस होने के कारण अरविंद केजरीवाल के घर के भी अरविंद केजरीवाल को कृष्ण के अवतार के रूप में मान रहे थे। अरविंद केजरीवाल के पिता का नाम गोविंद राम केजरीवाल है और माता का नाम गीता देवी है ।अरविंद केजरीवाल घर में सबसे बड़े थे अरविंद केजरीवाल के पिता एक मैकेनिकल इंजीनियर थे और अरविंद केजरीवाल की माता ग्रहणी है। अरविंद केजरीवाल की पत्नी का नाम सुनीता केजरीवाल है और इनके दो बच्चे भी है जिसमे एक लड़का ओर एक लड़की है ।
अरविंद केजरीवाल की शिक्षा >>>
अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा सोनीपत से की और उन्होंने क्लास 12वीं साइंस विषय से की इसके बाद अरविंद केजरीवाल भी अपने पिता की तरह एक इंजीनियर बनना चाहते थे । इसके लिए उन्होंने जेईई की तैयारी शुरू की अरविंद केजरीवाल ने 1 साल तक जेईई की तैयारी की और इसके बाद इस एग्जाम को दिया कुछ दिन बाद इस एग्जाम का रिजल्ट आया तो अरविंद केजरीवाल देश के प्रमुख IIT कॉलेजों में से एक आईआईटी खड़गपुर में चयन हो गया इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने देशभर में से इस परीक्षा में 563 वी रैंक हासिल की इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने आईआईटी खड़कपुर से अपने मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई शुरू कर दी
अरविंद केजरीवाल ने कहां-कहां की नौकरी.>>>
अरविंद केजरीवाल ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग पास करके के बाद एक कंपनी जिसका नाम टाटा स्टील कंपनी है उसमें 1989 में जॉब की इस समय अरविंद केजरीवाल जमशेदपुर में काम करते थे । कुछ दिन बाद अरविंद केजरीवाल कोलकाता के मदर टेरेसा के साथ कुछ काम शुरू किया और मदर टेरेसा के साथ रहकर दूसरों के हित के बारे में सोचने लगे इसके बाद अरविंद केजरीवाल की विचारधारा बदल गई और कुछ दिन बाद TCS में अरविंद केजरीवाल ने अपनी नौकरी छोड़ दी और सिविल सर्विसेस परीक्षा की तैयारी करने लगे इसकी तैयारी लगभग 1 साल की और अरविंद केजरीवाल ने सिविल सर्विसेज परीक्षा को पास कर लिया इसके बाद वह आईआरएस में नौकरी करना शुरू किया कुछ दिन नौकरी करने के बाद वहां पर अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार इतना देखा कि उन्होंने उस नौकरी को भी छोड़ दिया और कसम खाई थी भारत से भ्रष्टाचार मिटा कर रहूंगा कुछ दिन बाद अरविंद केजरीवाल ने 2011 में अन्ना हजारे के साथ मिलकर एक देशव्यापी आंदोलन में शामिल हुआ इसके बाद अरविंद केजरीवाल नेशनल मीडिया में छाँ गए और मीडिया के जरिए केंद्र सरकार से सीधे सवाल जवाब करने लगे इसके बाद लोगों ने उन पर मजा उड़ाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मिटाना है तो राजनीति में आकर भ्रष्टाचार मिटाओ ! बोलने से कुछ नहीं होगा इसके बाद अरविंद केजरीवाल राजनीति में आए और आम आदमी पार्टी की स्थापना की अरविंद केजरीवाल के दोस्त मनीष सिसोदिया भी साथ में थे, इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने पहले चुनाव में 70 में से 31 सीटों पर जीत हासिल कर दिल्ली में मुख्यमंत्री बने परंतु केंद्र सरकार के दबाव में अरविंद केजरीवाल दिल्ली के लिए कुछ बड़ी योजनाएं नहीं ला पाए इस कारण अरविंद केजरीवाल ने 14 फरवरी 2014 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया इसके बाद पुनः 2015 में दिल्ली विधानसभा के चुनाव आयोजित हुए इसमें केजरीवाल को 70 में से 68 सीटों पर जीत हासिल की और इसके बाद अरविंद केजरीवाल के मन में एक नई उमंग और जोश आ गया और दिल्ली के हित में अरविंद केजरीवाल ने अनेक फैसले लिए जिसमें से दिल्ली के सरकारी स्कूल और अस्पताल साथ ही दिल्ली से भ्रष्टाचार हटाओ अभियान चलाया और दिल्ली से आज लगभग भ्रष्टाचार को हमेशा हमेशा के लिए समाप्त कर दिया और दिल्ली पर जो कर्ज था उसको भी अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली से उतार दिया अब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के हित के लिए अनेक फैसले ले रहे है जिसमें से महत्वपूर्ण नीचे दिए गए हैं
1.दिल्ली में देश के सबसे सर्वश्रेष्ठ स्कूल की स्थापना की और साथ ही स्कूलों में छात्रों को ना केवल नौकरी के लिए आश्रित रहने के लिए कहा बल्कि वहां के छात्रों को एक बिजनेसमैन बनाने के लिए सरकार ने शिक्षा के लिए एक स्पेशल फंड बनाया ।
2. दिल्ली में देश के सबसे एडवांस अस्पतालों की स्थापना की साथ ही वहां पर मोहल्ला क्लीनिक की भी स्थापना की
3 . अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से भ्रष्टाचार को ना केवल खत्म किया बल्कि भ्रष्टाचार फैलाने वाले लोगों को हमेशा हमेशा के लिए हटा दिया ।
4. अरविंद केजरीवाल ने गरीब लोगों के लिए 200 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा किया जो 5 सालों से सफल रहा 5 सालों में किसी के भी यहां पर ₹1 भी बिजली बिल नहीं आया
5. दिल्ली में फ्री सैनिक स्कूल की स्थापना की जिसमें एडमिशन के लिए छात्रों को 9वी और 11वीं में एक परीक्षा पास करनी होगी इसके बाद वह सैनिक स्कूल में एडमिशन ले सकता है
6. अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जिससे वहां का आम आदमी अरविंद केजरीवाल की सरकार से खुश है ।


