मौसम विभाग का अलर्ट
तो कुछ जिलों में मूसलाधार वर्षा की संभावना जताई गई है मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में तो फसल बुवाई का कार्य शुरू हो चुका है तो कुछ जिलों में अभी भी सूखा पड़ा है इन्हीं सूखे जिलों में मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में मैं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है आने वाले 5 से 7 दिन के अंदर मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिलों में फसल बुवाई का कार्य शुरू हो जाएगा क्योंकि मध्य प्रदेश के ऊपर कई वेदर सिस्टम अभी एक्टिव है जिस कारण भारी वर्षा होने की संभावनाएं जताई जा रही है। इसी बीच भारी संभावना को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल बुवाई के लिए कुछ परामर्श भी दिए हैं जिनको ध्यान में रखकर किसान फसल की बुवाई करें परामर्श नीचे दिए हुए हैं इन्हें ध्यान से पढ़ें और फसल की बुवाई करें ।
सोयाबीन बोने से संबंधित परामर्श
किसान भाइयों से निवेदन है कि अब कुछ ही दिनों में सोयाबीन बोने का कार्य शुरू होने वाला है और कहीं जगह पर सोयाबीन बुवाई शुरू भी हो चुकी है कहीं-कहीं वर्षा ना होने के कारण सोयाबीन बुवाई में देरी हो रही है । इसके चलते भारतीय मौसम विभाग ने सोयाबीन बोने के लिए कुछ परामर्श दिए हैं जिनस आप अवगत हो जाएं
1. नियमित मानसून के पश्चात लगभग 4 इंच वर्षा होने पर ही सोया बीन की बुआई करना उचित होगा
2. जलवायु परिवर्तन के परिपेक्ष में संभव होने पर सोयाबीन की बोवनी B.B.F पद्धति से करें ।
सामान्य निर्देश
1. यदि जलभराव की समस्या हेतु जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ।
कपास से संबंधित परामर्श
1. जो किसान भाई कपास में बोने की समय कोई खास नहीं दे पाए हैं वह 30 दिन की कपास में 20 किलोग्राम यूरिया और 30 किलोग्राम डीएपी साथी 20 किलोग्राम पोटाश प्रति एकड़ जड़ों के पास रिंग बनाकर या कॉलम बनाकर खाद्य दे
2. कपास की फसल में कुछ पौधे मुड़ जाते हुए दिखाई देने पर उनमें कार्बन्डाजिम 1 ग्राम या कॉपर ऑक्सिक्लोराइड 3 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से दे ।
आने वाले 5 दिनों में मौसम को देखते हुए फसल अनुसार किसान भाइयों को सलाह
1. आगामी सप्ताह में घने बादल रहने एवं मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है अतः किसान भाई मौसम को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य करें ।
2. उत्पादन की दृष्टि से बोने हेतु जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक का समय अनुकूल होता है अतः जिन किसानों ने अभी तक बुवाई नहीं की है उन्हें सलाह दी जाती है कि वे पर्याप्त बारिश होने पर ही पर्याप्त नमी सुनिश्चित करने के बाद ही फसल की बुवाई करें ।
3. साथ ही यह भी सलाह है कि कम अवधि की किस्मों का उपयोग करें जबकि बीज की दर 25% तक बढ़ाकर बुवाई करें
मक्का
1. यदि जलभराव की समस्या है तो जल की निकासी की उचित व्यवस्था करें ।
2. मक्का कि 18 से 21 दिन की खड़ी फसल में घास कुल और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार ओं के नियंत्रण के लिए टेम्बोट्राईओन 42% sc नामक दवा का 115 मिलीलीटर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें ।
3. मक्का की 25 दिन की खड़ी फसल में पर्याप्त नमी सुनिश्चित करने के बाद नाइट्रोजन धारी उर्वरकों को का प्रयोग करें ।
4. खेतों में पक्षियों के बैठने हेतु टी आकार की तो खुटिया, 100 प्रति एकड़ की दर से लगाएं ।
सब्जियां और मसाले
टमाटर , बैंगन , फूलगोभी , पत्तागोभी व प्याज
यह समय फूल गोभी , टमाटर , हरी मिर्च और बैंगन की पौधा शाला बनाने के लिए उपयुक्त है । अतः किसान यह प्रयास करें कि वह कीट अवरोधी नायलॉन की जाली का प्रयोग करें ताकि रोग फैलाने वाले कीटों से फसल को बचाया जा सके ।
पशुपालन
पशुओं को साफ एवं ताजा पानी दिन में दो बार दें साथ ही साथ हरे चारा दे, बाहरी परजीवी से बचाव के लिए ब्यूटोक्स का उपयोग करें । पशुशाला की नियमित सफाई करें और 1 लीटर पानी में 5 मिलीलीटर फिनायल मिलाकर फर्श की सफाई करें ।
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