भारत की नागरिकता कहीं प्रकार से प्राप्त की जा सकती है भारत में नागरिकता अधिनियम 1955 में लाया गया था भारत की नागरिकता प्राप्त करने की कई प्रकार के विधियां नीचे दी गई है
1. जन्म के आधार पर
भारत में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को नागरिकता दी जाएगी यदि उनके माता या पिता या दोनों में से कोई एक भारत का नागरिक है ।
2. वंश के आधार पर
विदेश में जन्म लेने वाले बच्चों को भी नागरिकता दी जाएगी यदि उनके माता-पिता या दोनों में से कोई एक भारत का नागरिक हो उदाहरण के लिए शिखर धवन
3. पंजीकरण
इस विधि द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को 7 साल लगातार भारत में रहना होगा इस विधि द्वारा राष्ट्रमंडल देशों को नागरिकता दी जाती है
4. देसीकरण
ऐसा व्यक्ति जो भारत के किसी एक भाषा को जानता हो भारत के प्रति सकारात्मक सोच रखता है वैज्ञानिक या कला में निपुण हो साथ ही लगातार भारत में 10 साल तक रहा हो
5. अर्जित भूमि
किसी विदेशी राज्य को भारत में मिला लेने पर वहां के लोगों को नागरिकता दे दी जाएगी सिक्किम का भारत में विलय होने के बाद वहां के निवासियों को भारत की नागरिकता दे दी गई है नागरिकता बांग्लादेश के परगना जिले को नागरिकता दी है
भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह पांच प्रमुख विधिया है जिसके माध्यम से भारत की स्थाई नागरिकता प्राप्त की जा सकती है भारत में नागरिकता को लेकर भारतीय संविधान में कुछ महत्वपूर्ण अनुच्छेद जोड़े गए हैं जो नीचे विस्तार से दिए गए हैं
अनुच्छेद 5 ; अनुच्छेद 5 में सविधान प्रारंभ में दी गई नागरिकता अर्थात जब संविधान बना तो उन सभी लोगों को नागरिकता दी गई है जो उस समय भारत के अंदर थे
अनुच्छेद 6 ; अनुच्छेद 6 में पाकिस्तान से भारत में आए लोगों को नागरिकता दी है कि तू यह वह संविधान बनने के बाद आएंगे तो नागरिकता उन्हें नहीं मिलेगी
अनुच्छेद 7 ; स्वतंत्रता के बाद भारत से पाकिस्तान चले गए ऐसे व्यक्ति जो संविधान बनने से पहले लौट आए तो उन्हें नागरिकता दे दी जाए
अनुच्छेद 8 ; विदेश घूमने या फिर विदेश में नौकरी करने के लिए जो भी भारतीय नागरिक जाएगा उसकी नागरिकता समाप्त नहीं होगी
अनुच्छेद 9 ; विदेशी नागरिकता लेने पर उस व्यक्ति के भारतीय नागरिकता समाप्त कर दी जाएगी
अनुच्छेद 10 ; भारतीयों की नागरिकता बनी रहेगी तब तक जब तक कि वह कोई देश विरोधी कार्य ना करें यदि कोई व्यक्ति भारत के विरोध कोई भी कार्य करता है तो उसकी नागरिकता भारत से समाप्त कर दी जाएगी
अनुच्छेद 11 ; नागरिकता संबंधित कानून भारतीय संसद बनाएगी और इसकी जिम्मेदारी भारत के गृह मंत्रालय को होगी
नागरिकता क्या है
कोई भी देश अपने मूल निवासियों को कुछ विशेष अधिकार देता है इन अधिकारों को ही नागरिकता कहा जाता है भारत में एकहरी नागरिकता है अर्थात हम केवल देश के नागरिक से राज्यों का नागरिक नहीं है राज्यों के केवल निवासी है भारत में नागरिकता ब्रिटेन से लिया गया है
नागरिकता पर पहला विवरण अरस्तु द्वारा दिया गया
भारत की नागरिकता 1955 के अधिनियम पर आधारित है नागरिकता में पहली बार संशोधन 1986 मैं किया गया था नागरिक होने के कारण नागरिकों को पैन कार्ड , आधार कार्ड , वोटर कार्ड , आदि दिया जाता है गैर नागरिक को यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती है ।


