आज के जमाने में सभी मोबाइल फोन का उपयोग अवश्य करते हैं और मोबाइल फोन के उपयोग के साथ ही इंटरनेट का उपयोग भी करते हैं आज हर मोबाइल में इंटरनेट कनेक्शन है और 24 घंटे इंटरनेट का उपयोग किया जा रहा है और कोई भी किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होने पर हम गूगल पर सर्च अवश्य करते हैं गूगल हमें यह जानकारी कैसे बताता है इसके बारे में हम बहुत विस्तार से इस आर्टिकल में चर्चा करने वाले हैं यदि हमें कोई भी समस्या या परेशानी होती है तो हम गूगल पर सर्च करते हैं और गूगल हमे किसी वेब ब्राउजर का उपयोग करके खोलते हैं क्या है यह वेब ब्राउज़र ? कैसे बनाया गया वेब ब्राउज़र ? और हमें कुछ खोजने के लिए वेब ब्राउज़र की आवश्यकता क्यों पड़ी ?
What is web Browser >>>
वेब ब्राउज़र एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो लोगों को इंटरनेट से जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान करता है वेब ब्राउज़र वह जरिया है जो WWW (World wide web) मैं उपलब्ध समस्त जानकारी जैसे शिक्षा संबंधी, न्यूज संबंधी, ई-मेल ,म्यूजिक ,ब्लॉक ,वीडियो आदि को एक्सेस की अनुमति देता है आज हम इंटरनेट का उपयोग करके जो कुछ भी पढ़ते हैं या सर्च करते हैं वह सभी वेबसाइट के वेब पेज पर मौजूद होता है और कंप्यूटर की भाषा में एचटीएमएल में लिखा जाता है जिसे हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज कहा जाता है । इसका उपयोग वेबसाइट के वेब पेज को डिजाइन करने में किया जाता है वेब ब्राउज़र हमें कंप्यूटर डिवाइस में इंस्टॉल रहता है हम कंप्यूटर डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ते हैं तब हमारा वेब ब्राउजर काम करता है इंटरनेट और वेब ब्राउजर एक - दूसरे से जुड़े हुए हैं बिना इंटरनेट के वेब ब्राउज़र का उपयोग नहीं किया जा सकता और उसी प्रकार बिना ब्राउज़र के इंटरनेट का उपयोग नहीं किया जा सकता
वेब ब्राउज़र का इतिहास >>>
वेब का मतलब 'जाल' और ब्राउज़र का मतलब ढूंढना होता है जिस कंप्यूटर की भाषा में इंटरनेट का नाम दिया गया है । इसका पूरा मतलब इंटरनेट की दुनिया में जाकर किसी विषय को ढूंढना है जब से इंटरनेट का आविष्कार हुआ है तब से ब्राउज़र मौजूद है सन 1990 में Tim Bernerslee ने कंप्यूटर पर इंफॉर्मेशन शेयर करने के तरीके पर काम कर रहे थे तब उन्होंने हाइपरलिंक के द्वारा आसान कर दिया और उन्होंने हाइपरलिंक का आविष्कार किया जो कि किसी इमेज में लगा कर एक नए वेब पेज पर ट्रांसफर करना है दुनिया के पहले वेब ब्राउज़र का नाम World Wide Web था जिसे बदलकर बाद में Nexus कर दिया गया था 1993 में Mosaic नाम का एक नया वेब ब्राउजर Andreessen और उनकी टीम द्वारा बनाया गया था यह उस समय का पहला ऐसा वेब ब्राउज़र था जो शब्दों और फोटो को एक साथ डिवाइस में दिखा सकता था इसके बाद इसका इस्तेमाल दुनिया भर के लोगों ने करना शुरू कर दिया था यह दोनों वेब ब्राउजर उपयोग करने के लिए एक फीस देनी होती थी इसके अगले ही साल सन 1994 मे Netscape नामक नया ब्राउजर बनाया इस को टक्कर देने के लिए माइक्रोसॉफ्ट की कंपनी ने अपना एक नया वेब ब्राउज़र बनाया जिसका नाम Internet explorer है यह वेब ब्राउजर फ्री में उपयोग किए जाने के कारण दुनिया भर में इसका सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने लगा इसके बाद कई तरह के ब्राउज़र आने शुरू हो गए जैसे ओपेरा ,गूगल क्रोम ,यूसी ब्राउजर आदि इन सभी ब्राउजर ने लोगों के डिवाइस में खास जगह बनाई ।
वेब ब्राउज़र काम कैसे करता है >>>
वेब ब्राउज़र क्लाउड सर्वर पर काम करता है जब हम कोई जानकारी इंटरनेट पर सर्च करते हैं तो इंटरनेट के द्वारा वह जानकारी वेब ब्राउज़र के वेब सर्वर के पास जाती है और वहां से वेब सर्वर यह जानकारी वेब ब्राउज़र को देता है और यह जानकारी वेब पेज के रूप में होती है अर्थात वेबसाइट के पेज में होते हैं वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर एक दूसरे से कनेक्ट होते हैं यदि यह दोनों कनेक्ट ना हो तो हमें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं मिल सकती ।
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