विटामिन की कमी से होने वाले रोग : विटामिन और प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण पदार्थ है यदि विटामिन और प्रोटीन की कमी हो जाए तो विभिन्न प्रकार के रोग शरीर में उत्पन्न होने लगते हैं इसकी पूर्ति के लिए बहुत सारे आयुर्वेदिक तथा गोली दवाई भी आती है जिससे प्रोटीन की कमी को पूरा किया जा सके साथी विटामिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है आइए देखते हैं विटामिन की कमी से हमारे शरीर में कौन-कौन से रोग उत्पन्न होते हैं और हमें इन रोगों का उपचार किस तरह करना चाहिए विटामिन की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग का उपचार जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़े
प्रोटीन क्या है
यह एक अत्यधिक जटिल कार्बनिक पदार्थ है प्रोटीन C1H1O और N से मिलकर बनता है अतः यह नाइट्रोजनी पोषक है।
प्रोटीन का निर्माण 20 प्रकार के अमीनो अम्लो से मिलकर होता है । जिसमें से 10 प्रकार का अमीनो अम्ल शरीर में पहले से रहता है और शेष 10 प्रकार का अमीनो अम्ल हमारे भोजन से ग्रहण करना होता है अतः अमीनो अम्ल का बहुलक होता है ।
शरीर के निर्माण में 15% योगदान प्रोटीन का रहता है।
19m प्रोटीन के ऑक्सीकरण 4.3 kcal ऊर्जा निकलती है सभी प्रकार के एंजाइम प्रोटीन होते हैं किंतु सभी प्रोटीन एंजाइम नहीं होते हैं ।
प्रोटीन की कमी से मरासमश तथा क्वाशेकोर्स नामक बीमारी होती है ।
मांसपेशी में मायोसीन प्रोटीन होता है दुधा मैं कैसीन प्रोटीन होता है ।
गेहूं में ग्लूटामीन प्रोटीन होता है।
रक्त में ग्लोबुलीन प्रोटीन होता है।
कीटो के वाह्य कंकाल मैं कैरोटीन प्रोटीन होता है ।
नोट: प्रोटीन शरीर के वृद्धि विकास के लिए अति आवश्यक है ।
सर्वाधिक प्रोटीन सोयाबीन , मशरूम और दाल में होता है । यदि शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाए तो सोयाबीन , मशरूम और दाल का सेवन अत्यधिक मात्रा में करना चाहिए ।
विटामिन ( Vitamin ) क्या है
यह कार्बनिक पदार्थ होता है। इसकी खोज ल्यूमेन मैं किया जबकि नामकरण फंक नामक विद्वान ने किया था। यह रोगों से रक्षा करने के लिए होता है अतः शरीर के लिए प्रति रक्षक विटामिन होता है। जल में घुलनशील विटामिन : vitamin B तथा vitamin C (B & C ) , वसा में घुलनशील विटामिन :vitamin A , Vitamin D ,Vitamin E, Vitamin K1 जो विटामिन वसा में घुलनशील होते हैं। वे यकृत में जाकर संचित रहते हैं ।
अर्थात vitamin A यकृत में संचित रहता है अतः वसा की कमी के कारण बहुत से विटामिन शरीर में काम नहीं करेंगे विटामिन हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह शरीर के रोगों से रक्षा करता है । न कि शरीर का निर्माण करता है ।
Vitamin A की कमी से होने वाले रोग
इसे प्रतिरक्षी विटामिन पी कहते हैं क्योंकि यह संक्रमण से बचाता है। यह पीले फलों में पाया जाता है विटामिन ए की कमी से रतौंधी नामक रोग हो जाता है । जो कि चित्र में दिखाया गया है -
Vitamin A की कमी से होने वाले रोग का उपचार
यदि आपको भी विटामिन ए की कमी से रतौंधी रोग हो गया है तो इसका उपचार का सबसे उत्तम स्त्रोत गाजर है क्योंकि गाजर में सर्वाधिक मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है इसके अलावा पीले फलों में भी विटामिन ए पाया जाता है साथ ही मछली के यकृत , पनीर , अंडा विटामिन ए के अच्छे स्त्रोत है ।
Vitamin B के कमी से होने वाले रोग एवं उपचार
यहां विटामिन कहीं विटामिनों के समूह में पाया जाता है । अतः इसे vitamin B complex कहते हैं इसकी कमी से बेरी - बेरी नामक रोग होता है ।
मक्का के अत्यधिक सेवन या पाँलिस किया हुआ चावल के सेवन करने से बेरी बेरी रोग का खतरा होता है ।
विटामिन बी कई प्रकार का होता है , जैसे
Vitamin B1 ;
इसे थायमींन कहते हैं।
Vitamin B2 :
इसे राइबोफ्लोबीन कहते हैं। यह माइट्रोकांड्रिया में पाया जाता है ।
Vitamin B3 :
इसे निकोटिनामाइक या नियासीन भी कहते है । इसकी कमी से बाल पकने लगता है ।
Vitamin B5 :
इसे पेन्टोथायमीन कहते है । इसकी कमी से पेलेग्रा या त्वचा रोगहोता है ।
Vitamin B6 :
इसका रासायनिक नाम पाइरीडाक्सीन है ।इसकी कमी से एनीमिया नामक रोग होता है ।
Vitamin B7 :
इसका रासायनिक नाम बायोटीन । इसकी कमी के कारण लकवा मार देता है । यह सल्फर मे पाया जाता है ।
Vitamin. B11 :
इस का रासायनिक नाम फोलिक अम्ल है इसकी कमी से पेचिश नामक रोग होता है ।
Vitamin B12 :
इस का रासायनिक नाम साइनोकोबालामीन है ।इसमे CO पाया जाता है .। Co के उपस्थिति का पता
द्वारा होता है इसकी कमी के कारण पार्शिनियस अनिमिया ( चमडा़ श्वेत ) हो जाता है ।
नोट : अंडा दूध सब्जी तथा मछली का तेल विटामिन बी के अच्छे स्रोत है इनका सेवन करने से विटामिन ब को जड़ से खत्म किया जा सकता है की कमी से होने वाले रोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है ।
नोट : Vitamin B7 ( बायोटीन ) को ही विटामिन - H कहां जाता है ।
Vitamin C
इसका रासायनिक नाम एस्कार्विक अम्ल है यह खट्टे फलों में पाया जाता है आंवला इसका सर्वोत्तम स्त्रोत है। दूध अंडा तथा मांसाहारी भोजन में विटामिन सी नहीं पाया जाता है। विटामिन सी शराब पीने जा सब्जी खेलने नष्ट हो जाता है। यह मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर आ जाता है यह शरीर में भंडारित अर्थात एकत्र नहीं रह सकता यह घाव भरने का काम करता है ।
Vitamin D
इसका रासायनिक नाम कैल्सिफेराल है । इसकी कमी से रिकेट्स नामक बीमारी हो जाती है तुम्हारी राम यह मछली के तेल में पाया जाता है इससे सूर्य के प्रकाश से प्राप्त किया जा सकता है यह एक मात्र विटामिन है जो हार्मोन भी है । यहां सबसे तेजी से बढ़ने वाला विटामिन है ।
Vitamin E
इसका रासायनिक नाम टेकोफेराल इसकी कमी से जनन क्षमता प्रभावित हो जाती है। यह अंकुरित अनाज में पाया जाता है यह विटामिन कोशिकाओं द्वारा 14th संश्लेषण कर लिया जाता है ।
Vitamin K
इसका रासायनिक नाम फिलोक्वानांन है । यह विटामिन खून को थक्को में बदलता है । हेमरेज का कारण विटामिन Kहै । इसकी अधिकतम शरीर के लिए आनिकारक है । फल एंव सब्जिया इस विटामिन की पुर्ति के लिए अच्छे स्त्रोत है ।




